Thursday, November 26, 2009
अक्ल बङी या भैंस
महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस
अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब,देखो सुनवाई
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस सदा ही अकल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा- पाँच सेर हम दूध निकारा
कोई अकल ना यह कर पावे- चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल घास जब चरने जाये- हार जाय नर अति दुख पाये
भैंस का चारा लालू खायो- निज घरवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ- बीवी को सी.एम. बनवाओ
मोटी अकल मन्दमति होई- मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये- भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये
अकल तो ले मोबाइल घूमे- एस.एम.एस. पा पा के झूमे
भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे- कबहूँ मिस्ड काल ना मारे
भैंस कभी सिगरेट ना पीती- भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये - ना ही इसको ड्रग्स सुहाये
शक्तिशालिनी शाकाहारी- भैंस हमारी कितनी प्यारी
अकलमन्द को कोई ना जाने- भैंस को सारा जग पहचाने
जाकी अकल मे गोबर होये- सो इन्सान पटक सर रोये
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते- अकल मरे तो पङते जूते
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस
अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब,देखो सुनवाई
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस सदा ही अकल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा- पाँच सेर हम दूध निकारा
कोई अकल ना यह कर पावे- चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल घास जब चरने जाये- हार जाय नर अति दुख पाये
भैंस का चारा लालू खायो- निज घरवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ- बीवी को सी.एम. बनवाओ
मोटी अकल मन्दमति होई- मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये- भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये
अकल तो ले मोबाइल घूमे- एस.एम.एस. पा पा के झूमे
भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे- कबहूँ मिस्ड काल ना मारे
भैंस कभी सिगरेट ना पीती- भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये - ना ही इसको ड्रग्स सुहाये
शक्तिशालिनी शाकाहारी- भैंस हमारी कितनी प्यारी
अकलमन्द को कोई ना जाने- भैंस को सारा जग पहचाने
जाकी अकल मे गोबर होये- सो इन्सान पटक सर रोये
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते- अकल मरे तो पङते जूते
Monday, November 23, 2009
किस्मत
स्वर्ग और नरक के बीच में लटक गया
क्या करू अब मै जमी पर अटक गया
निकला था मैं स्वर्ग जाने को मगर
जाने कैसे रास्ता मैं भटक गया
किए थे कई पुण्य पिछले जन्म मे मैंने
उनके फल से स्वर्ग का टिकट कट गया
जाने कौनसा पाप बीच मे आ गया
रस्ते मे ही मेरा भेजा सटक गया
स्वर्ग जाना था मुझे, पर ये क्या होगया
जाने कौन मुझे इस धरती पर पटक गया
शायद स्वर्ग किस्मत को मंज़ूर नही था
इसलिए मैं स्वर्ग और नरक के बीच लटक गया

Friday, November 20, 2009
Love..............
LOVE is more than a four letter word
it packs more power than any we've heard.
LOVE can turn a frown into a smile
make our day more worthwhile.
LOVEnever fails, love never tires
makes more heat than many fires.
LOVE makes us tingle and walk on air
helps us do things we wouldn't dare.
LOVE is a dream, a sweet fantasy
but it is also life and reality.
LOVEcan fly us up so high
drop us low when it says goodbye.
LOVEis a strange mysterious force
but one we want to keep of course..
LOVE we don't want to live without
when it's absent, we will pout.
LOVE can go and new love return
better than before you will learn.
LOVE that is perfect and is right
may come along any day or night.
Yes LOVE is more than a four letter word
it's the most wonderful word you have heard.
Thursday, November 19, 2009
Subscribe to:
Posts (Atom)
